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Friday, September 7, 2018

बेबसी...

ये ज़िन्दगी... क्या ज़िन्दगी है...
जी तो रहा हुँ, बस तेरी कमी है...
वही आसमाँ है, यही वो ज़मीं है...
सभी है यहाँ, एक बस तू ही नहीं है...
दिल रो रहा है मेरा, पर होंठो पे हंसी है...
तुम क्या जानो जान.... मेरी क्या बेबसी है...!!!


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